Thursday, January 12, 2006

ROZ EK SHER

बैठा किये थे झरोखे में हम तो और गुज़रा किया कारवाँ
ज़िन्दगी का हुआ क्या जो शामिल हुए ना सफ़र में
हमारे तो घर पे सफ़र आ गया है
-चित्रा चतुर्वेदी

baitha kiye the jharokhe me hum to aur guzra kiya karvan zindagi ka
hua kya jo shamil hue na safar me hamare to ghar pe safar aa gaya hai

--Chitra Chaturvedi
 

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